जब हम स्कूल में होते थे, तो हमारा 'रिपोर्ट कार्ड' बताता था कि हम पढ़ाई में कैसे हैं। ठीक वैसे ही, बड़ों की दुनिया में CIBIL Score बताता है कि हम 'पैसों के मामले' में कैसे हैं।
अगर आपका CIBIL स्कोर खराब है, तो बैंक आपको लोन नहीं देगा, या बहुत महंगे ब्याज पर देगा। आज हम जानेंगे कि यह स्कोर क्यों गिरता है और इसे वापस ठीक कैसे करें।
1. CIBIL स्कोर क्या होता है?
यह 300 से 900 के बीच का एक नंबर होता है।
- 750 से ऊपर: बहुत अच्छा (सस्ता लोन मिलेगा)।
- 600 से 750: औसत (लोन मिल सकता है, लेकिन ब्याज ज्यादा होगा)।
- 600 से नीचे: खराब (लोन रिजेक्ट होने के चांस ज्यादा हैं)।
2. स्कोर क्यों गिरता है? (3 गलतियां)
- EMI लेट करना: अगर आपने एक भी क़िस्त या क्रेडिट कार्ड का बिल लेट भरा, तो स्कोर धड़ाम से गिरता है।
- बार-बार लोन मांगना: अगर आप हर दूसरे दिन अलग-अलग बैंकों में लोन के लिए अप्लाई करते हैं, तो बैंक आपको 'भूखा' (Credit Hungry) समझता है और स्कोर कम कर देता है।
- गारंटर बनना: अगर आपने दोस्त के लोन की गारंटी ली और उसने पैसा नहीं भरा, तो आपका सिबिल स्कोर भी खराब होगा।
3. स्कोर कैसे सुधारें?
CIBIL स्कोर रातों-रात ठीक नहीं होता, इसमें 6-12 महीने लगते हैं:
- अपनी सारी बकाया EMI तुरंत भरें।
- क्रेडिट कार्ड की लिमिट का सिर्फ 30% ही इस्तेमाल करें (अगर लिमिट 1 लाख है, तो 30 हजार से ज्यादा खर्च न करें)।
- अपना सिबिल चेक करते रहें (यह साल में एक बार फ्री होता है)।
निष्कर्ष (Conclusion)
CIBIL स्कोर आपकी 'वित्तीय इज्जत' है। इसे संभाल कर रखें, क्योंकि मुसीबत के वक्त सस्ता लोन यही दिलाएगा।
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