ज़िंदगी का कोई भरोसा नहीं है। कभी अचानक घर में कोई मेडिकल इमरजेंसी आ जाती है, तो कभी अचानक नौकरी चली जाती है या बिज़नेस में घाटा हो जाता है। ऐसे मुश्किल वक्त में जब पैसों की सख्त ज़रूरत होती है, तो अक्सर हमें रिश्तेदारों के आगे हाथ फैलाना पड़ता है या फिर भारी ब्याज पर पर्सनल लोन (Personal Loan) लेना पड़ता है। लेकिन अगर आपने पहले से थोड़ी तैयारी की हो, तो आप इन सब परेशानियों से बच सकते हैं।
इमरजेंसी फंड: आपका अपना आर्थिक सुरक्षा कवच जो बुरे वक्त में आपके काम आता है
पिछले आर्टिकल में हमने बजट बनाने का '50-30-20 नियम' सीखा था। उसी बचत (Savings) का सबसे पहला और सबसे ज़रूरी कदम है अपना 'इमरजेंसी फंड' (Emergency Fund) बनाना। आज 'पैसा बचाओ गाइड' में हम समझेंगे कि यह फंड क्या होता है, इसमें कितना पैसा होना चाहिए और इसे कहाँ रखना सबसे सही है।
1. इमरजेंसी फंड (Emergency Fund) क्या है?
आसान भाषा में कहें तो यह आपके घर की 'गुल्लक' है जिसे सिर्फ और सिर्फ 'आपातकाल' (Emergency) के समय ही तोड़ा जाता है।
- यह वह पैसा है जो आपकी रोज़मर्रा की ज़रूरतों (जैसे राशन, बिल) से एकदम अलग रखा जाता है।
- इस पैसे का इस्तेमाल नई गाड़ी खरीदने, फोन बदलने या घूमने जाने के लिए बिल्कुल नहीं किया जाता।
- इसका इकलौता मकसद आपको बुरे वक्त में कर्ज़ के जाल में फंसने से बचाना है।
2. इमरजेंसी फंड में कितना पैसा होना चाहिए?
यह हर इंसान के लिए अलग-अलग हो सकता है, लेकिन फाइनेंस के जानकारों का एक सीधा सा नियम है:
- आपके पास कम से कम 3 से 6 महीने के घर खर्च के बराबर पैसा इमरजेंसी फंड में होना चाहिए।
- मान लीजिए आपके घर का कुल खर्च (किराया, राशन, बिजली, बच्चों की फीस आदि) 20,000 रुपये महीना है।
- तो आपका इमरजेंसी फंड कम से कम 60,000 रुपये (3 महीने) से लेकर 1,20,000 रुपये (6 महीने) के बीच होना चाहिए।
- अगर आपकी नौकरी में रिस्क ज़्यादा है या आप बिज़नेस करते हैं, तो इसे 9 से 12 महीने तक का रखना ज़्यादा सुरक्षित रहता है।
3. इस पैसे को कहाँ रखें? (सबसे ज़रूरी बात)
इमरजेंसी का मतलब है कि पैसा आपको 'तुरंत' चाहिए। इसलिए इस पैसे को शेयर बाज़ार या किसी ऐसी ज़मीन में निवेश न करें जहाँ से पैसा निकालने में समय लगे या नुकसान का डर हो:
- सेविंग अकाउंट (Savings Account): अपने मुख्य बैंक खाते से अलग एक नया बैंक खाता खोलें और उसमें इसका कुछ हिस्सा रखें ताकि ज़रूरत पड़ने पर आप तुरंत ATM से निकाल सकें।
- बैंक एफडी (Fixed Deposit): आप बाकी पैसों की बैंक में 'Auto-Sweep' वाली FD करा सकते हैं। इससे आपको सेविंग से ज़्यादा ब्याज भी मिलेगा और आप इसे इंटरनेट बैंकिंग से कभी भी (रात के 2 बजे भी) तोड़कर तुरंत इस्तेमाल कर सकते हैं।
- लिक्विड म्यूच्यूअल फंड (Liquid Mutual Funds): यह भी एक अच्छा और सुरक्षित विकल्प है जहाँ पैसा जल्दी निकाला जा सकता है और रिटर्न FD जितना ही मिलता है।
पैसा बचाओ गाइड की प्रो-टिप (Pro-Tip): आपको 6 महीने का फंड एक ही दिन में इकट्ठा नहीं करना है। हर महीने अपनी सैलरी में से थोड़ी-थोड़ी रकम (SIP की तरह) बचाकर इस फंड में डालते रहें। जब यह फंड आपके 6 महीने के खर्च के बराबर हो जाए, तब इसमें पैसे डालना बंद कर दें और अपनी बाकी बचत को लंबी अवधि (Long-term) के लिए शेयर बाज़ार या म्यूच्यूअल फंड में निवेश करना शुरू करें!
निष्कर्ष (Conclusion)
इमरजेंसी फंड आपको अमीर तो नहीं बनाता, लेकिन यह आपको अचानक 'गरीब' होने से ज़रूर बचाता है। यह आपको मानसिक शांति (Peace of Mind) देता है कि अगर कल को कुछ ऊँच-नीच हो गई, तो कम से कम 6 महीने तक आपके परिवार को पैसों के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। आज ही अपना इमरजेंसी फंड बनाना शुरू करें!
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