जब हम म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने जाते हैं, तो एजेंट हमसे पूछता है - "सर, Equity में लगाऊँ या Debt में?" और हम सिर खुजलाने लगते हैं।
आज हम इन भारी-भरकम शब्दों को बहुत ही देसी तरीके से समझेंगे। याद रखें, गलत फंड में पैसा लगाना बैंक में पैसा सड़ाने से भी ज्यादा खतरनाक हो सकता है।
1. Equity Mutual Fund (शेयर बाज़ार का खिलाड़ी)
आसान भाषा में - यह फंड आपका पैसा शेयर बाज़ार (कंपनियों) में लगाता है।
- रिस्क (Risk): हाई (High)। अगर बाज़ार गिरा, तो आपका पैसा कम हो सकता है।
- रिटर्न (Return): हाई (High)। लंबी अवधि में (5 साल से ज्यादा) यह आपको 12% से 15% का रिटर्न दे सकता है।
- किसके लिए है: अगर आप जवान हैं और कम से कम 5-10 साल के लिए पैसा भूल सकते हैं, तो यह बेस्ट है।
2. Debt Mutual Fund (उधारी का खेल)
आसान भाषा में - यह फंड आपका पैसा कंपनियों या सरकार को 'उधार' (Loan) देता है।
- रिस्क (Risk): लो (Low)। शेयर बाज़ार गिरने पर भी इस पर ज्यादा असर नहीं होता।
- रिटर्न (Return): कम (Low)। यह आपको FD से थोड़ा ज्यादा (7% से 9%) रिटर्न देता है।
- किसके लिए है: अगर आपको 1-3 साल में पैसे की जरूरत है या आप बिल्कुल रिस्क नहीं लेना चाहते।
3. हाइब्रिड फंड (Hybrid Fund) - दोनों का मजा
अगर आप कंफ्यूज हैं, तो 'हाइब्रिड फंड' चुनें। यह फंड आपका कुछ पैसा इक्विटी में और कुछ डेट में लगाता है। इसमें रिस्क कम होता है और रिटर्न FD से बेहतर।
निष्कर्ष (Conclusion)
अपनी उम्र और लक्ष्य के हिसाब से फंड चुनें। अगर बेटी की शादी 15 साल बाद है, तो Equity चुनें। अगर 2 साल बाद कार खरीदनी है, तो Debt चुनें।
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